आज कल हर किसी के बॉडी में प्रोटीन की कमी रहती है, खासतौर पर शाकाहारी लोगो के बॉडी में रहता है। ऐसा नहीं है की शाकाहारी भोजन में प्रोटीन नहीं होता है, बस सही जानकारी होना चाहिए। इस ब्लॉग में जानेगे की अपने डाइट में प्रोटीन को कैसे शामिल करें और किसमें कितना ज्यादा प्रोटीन की मात्रा होती है। प्रोटीन क्या है और क्यों जरूरी हमारे बॉडी के लिए इसकी कमी से हमारे बॉडी पे क्या असर देखने को मिल सकता है, और हमारे बॉडी में ज्यादा प्रोटीन की मात्रा होने से क्या नुकसान हो सकता है ।
प्रोटीन क्या है और क्यों जरूरी है?
प्रोटीन (Protein) एक प्रकार का माइक्रोन्यूट्रिएंट है, जो हमारे शरीर की कोशिकाओं, मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए और त्वचा, बाल, नाखूनों और वज़न कम करने में मदद मिल सकती है। क्योंकि ये सभी प्रोटीन से बनी होती है और यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है यह शरीर के हॉर्मोन, एंजाइम और इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करता है।
एक सामान्य व्यक्ति को एक दिन में कितने प्रोटीन की आवश्यकता होती है?
हर व्यक्ति को औसतन अपने वजन के अनुसार 0.8 से 1.2 ग्राम प्रोटीन प्रति किलो के हिसाब से शरीर को प्रोटीन की आवश्यकता होती है। मान लीजिये आपका वजन 60 किलो है, तो आपको लगभग 50-70 ग्राम प्रोटीन प्रतिदिन लेना चाहिए।
प्रोटीन की कमी के संकेत:-
शरीर को प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा न मिलने के निम्नलिखित लक्षण दिख सकते हैं:
थकान और मांसपेशियों में दर्द, बालों का झड़ना और रूखापन, इम्यून सिस्टम की कमजोरी तथा घाव को भरने में ज्यादा समय लगना।
यदि आप शुद्ध शाकाहारी हैं और इनमें से कोई भी लक्षण दिखते हैं, तो अपने डाइट में प्रोटीन की मात्रा की जांच करें तथा संतुलित प्रोटीन युक्त भोजन शामिल करें।
प्रोटीन की कमी से होने वाली समस्याएं और इससे होने वाले रोग:-
शरीर में प्रोटीन की कमी से कई बीमारियाँ हो सकती है इनमे से सबसे आम बीमारी है, बाल कुपोषण यह एक गंभीर कुपोषण की स्थिति पैदा कर सकती है जब शरीर में भारी मात्रा में प्रोटीन की कमी होती है आमतौर पर बच्चों में अगर ये लक्षण दिखे तो, जैसे शरीर में सूजन होना , पेट फूलना, और शरीर का विकास होने में देरी होना डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करें इसके अलावा प्रोटीन की कमी से एनीमिया, मांसपेशियों में कमज़ोरी आना, घाव भरने में देरी होना , और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं आइए इन समस्याओं के बारे में विस्तार से जाने।
प्रोटीन बालों और नाखूनों के लिए बेहद जरुरी है, इसलिए प्रोटीन की कमी से बाल पतले हो जाते हैं और नाखून आसानी से टूट ने लगते हैं.
ये एक गंभीर कुपोषण की स्थिति है जो की प्रोटीन की कमी से होती है, खासकर बच्चों में.
प्रोटीन शरीर की प्रतिरक्षा तंत्र को सशक्त करने में मदद करता है, इसलिए प्रोटीन की कमी से संक्रमणों का खतरा बढ़ सकता हैं।
प्रोटीन की कमी से शरीर में तरल पदार्थ जमा हो जाता हैं, और शरीर में सूजन, पैरों, टखनों, चेहरे या पेट में सूजन हो सकती हैं।
प्रोटीन मांसपेशियों की मजबूती और मरम्मत के लिए ज़रूरी है इसलिए प्रोटीन की कमी से मांसपेशियों में कमजोरी और क्षय हो सकता हैं।
प्रोटीन की कमी से शरीर में पर्याप्त लाल रक्त कोशिकाएं नहीं बन पाती हैं, जिससे एनीमिया हो सकता है, जिसमें थकान और कमजोरी जैसे लक्षण होते हैं।
यदि शरीर में पर्याप्त प्रोटीन नहीं होता, तो घाव या चोट भरने में अधिक समय लग सकता है।
प्रोटीन त्वचा के लिए भी बेहत ज़रूरी है , प्रोटीन की कमी से त्वचा रूखी और परतदार हो जाता है।
शाकाहारी भोजन में प्रोटीन का सबसे बड़ा स्रोत:-
नीचे दिए गए खाद्य पदार्थों में बहुत अधिक प्रोटीन होता है। आप अपने भोजन में इनको शामिल करके प्रोटीन की कमी को पूरा कर सकते हैं:- |
| 1. राजमा:- 100 ग्राम उबले हुए राजमा में करीब 8.7 ग्राम प्रोटीन होता है यह शाकाहारी लोगों के लिए बेस्ट ऑप्शन होता है। |
| 2. दाल :- सभी दालों में अलग-अलग प्रोटीन की मात्रा है जैसे- • 100 ग्राम मसूर दाल – 25 ग्राम प्रोटीन • 100 ग्राम उड़द दाल – ग्राम प्रोटीन • 100 ग्राम मूंग दाल – 24 ग्राम प्रोटीन • 100 ग्राम अरहर दाल – 24.5 ग्राम प्रोटीन • 100 ग्राम चना दाल – 21 ग्राम प्रोटीन • 100 ग्राम छोले में लगभग 19 -20 ग्राम प्रोटीन होता है • 100 ग्राम लोबिया में लगभग 24 ग्राम प्रोटीन होता है • 100 ग्राम ओट्स में लगभग 10 -17 ग्राम प्रोटीन होता है |
| 3. डेयरी प्रोडक्ट्स :- पनीर, छाछ और दही में उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन होते है। 1 ग्लास दूध में 8 ग्राम प्रोटीन होता हैं। 100 ग्राम पनीर में लगभग 18 ग्राम प्रोटीन होता हैं। |
| 4. सोया और टोफू उत्पाद :- सोया चंक्स या Nutreval: हर 100 ग्राम में लगभग 52 ग्राम प्रोटीन होता हैं! टोफू, या Soya Paneer हर 100 ग्राम में लगभग 8-17 ग्राम प्रोटीन होता है। |
| 5. नट्स और बीज:- बादाम, मूंगफली, अखरोट, चिया सीड्स, फ्लैक्स सीड्स और इन सब में प्रोटीन प्रचुर मात्रा में होता हैं। 1 मुट्ठी बादाम में 6 ग्राम प्रोटीन होता है, इसे स्नैक या नाश्ते में लें। |
| 6. अनाज और मिलेट्स :- गेहूं, जौ, बाजरा, रागी, ज्वार और चावल में भी प्रोटीन होता है। विशेष रूप से, क्विनोआ (Quinoa) एक अनाज है जिसमें सभी 9 आवश्यक अमीनो एसिड हैं। |
| 7. फल और हरी सब्जियाँ :- पालक, मेथी, ब्रोकली, भिंडी और मटर में भी प्रोटीन होता है, लेकिन थोड़ा कम मात्रा में होता है। 1 कप हरे मटर में 8 ग्राम प्रोटीन होता है। |
| 8. अंकुरित अनाज :- अंकुरित अनाज जैसे- मूंग, चना, मैथी, मूँगफली, सोयाबीन सेहतमंद होते है इनमें प्रोटीन की मात्रा भी ज्यादा होती है। जब अनाज को अंकुरित कर के खाते हैं, तो उनमें Digestibility यानी पचने की क्षमता बढ़ जाती है, और साथ ही प्रोटीन की गुणवत्ता भी बढ़ जाती है। |
| 9. प्लांट-बेस्ड प्रोटीन पाउडर :- अगर आप शुद्ध शाकाहारी हैं मतलब दूध-दही,पनीर या कोई भी डेरी प्रोडक्ट नहीं खाते है, तो बाजार में मिलने वाले प्लांट बेस्ड प्रोटीन पाउडर एक अच्छा विकल्प हो सकता हैं। आजकल मटर, भांग,अमरंथ, और ब्राउन राइस से बनने वाले प्लांट-बेस्ड प्रोटीन पाउडर का इस्तेमाल किया जा सकता है। बस ध्यान रखें कि उसमें शुगर की मात्रा ज्यादा ना हो या फिर बाजार में शुगर फ्री भी आता है, कुछ अच्छी कम्पनिया है जैसे oziva, Amway आदि। |
शाकाहारी लोगों के लिए सिंपल और इफेक्टिव डाइट टिप्स:-
दाल और चावल का कॉम्बिनेशन :- दालों में कुछ खास अमीनो एसिड नहीं है और ना ही चावल में होती है। लेकिन जब आप दाल और चावल को एक साथ मिलाकर खाते हैं, तो ये मिलकर एक “Complete Protein” बन जाते हैं। और दाल चावल को चबा कर खाने से इसका प्रोटीन शरीर को लगता है कुछ लोग बिना चबाएं खा कर पेट भर लेते है तो ये टोटल वेस्ट हो जाता है मतलब इसमें वो सारे ज़रूरी अमीनो एसिड होते हैं जो आपकी बॉडी को चाहिए और इसके लिए आपको दाल चावल को चबा कर खाना है कम से कम 20-25 बार चबा कर खाने से ही आपके शरीर को पूरा लाभ मिलेगा। तो अगली बार जब भी आप दाल-चावल खाये तो, आप सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि पेट भी भर रहे है और सेहत भी बना रहे है ये ध्यान में रख कर खाए। |
| हर मील में थोड़ा-थोड़ा प्रोटीन शामिल करें :- हम अक्सर सोचते हैं कि एक ही बार में बहुत सारा प्रोटीन ले लें। लेकिन शरीर को प्रोटीन की ज़रूरत पूरे दिन में बराबर-बराबर होती है। इसलिए प्रयास करें कि आपके हर खाने की प्लेट में प्रोटीन की मात्रा ज़रूर हो। |
भोजन करने का डेली रूटीन:-
इस रूटीन को फॉलो करे और एक फिक्स टाइम पर भोजन करें, एक निश्चित समय पर भोजन करने से भोजन हमारे शरीर को लगता है, भोजन करने का समय और क्या खाना है इस प्रकार अपनी सुविधा अनुसार रखे। |
| सुबह के नाश्ते में:- दूध, पनीर, पीनट्स, सत्तू ड्रिंक, बटर, ओट्स या स्प्राउट्स |
| दोपहर के खाने में:- दालें, राजमा, छोले, सोया या हरे चने |
| शाम के नाश्ते में:- रोस्टेड चना, रोस्टेड मूंगफली |
| रात के खाने में:- मिक्स दाल, टोफू, क्विनोआ या मूंग की खिचड़ी |
Note:- ऐसे छोटे-छोटे बदलाव करके, आप प्रोटीन का सेवन कर सकते है
सुझाव:-
याद रखें :- प्रोटीन लेना मुश्किल नहीं है, बस समझदारी से खाना चुनना ज़रूरी है, शाकाहारी डाइट अगर संतुलित हो, तो ये न सिर्फ शरीर को प्रोटीन देती है, बल्कि ऊर्जा और आत्म-संतोष भी। |
निष्कर्ष:-
सही जानकारी और संतुलित भोजन की आवश्यकता होती है, और शाकाहारी आहार भी प्रोटीन से भरपूर हो सकता है। शरीर में प्रोटीन की जरूरतों को पूरा करने के लिए दूध, दालें, सोया, नट्स और हरी सब्जियों का सेवन करें। इससे शरीर में प्रोटीन की पूर्ति होती है और आपका तन स्वस्थ रहता है। जब तन स्वस्थ होता है तो मन भी स्वस्थ रहता है, जिससे आप अपने काम में बेहतर फोकस कर पाते हैं।
हालांकि, यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी प्रकार के आहार परिवर्तन, स्वास्थ्य समस्या या विशेष चिकित्सीय स्थिति में डॉक्टर या योग्य आहार विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।


Thanks for sharing veg protein list.
Thank you.
I will follow your tips
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आपके निर्देश को पालन करूंगा।