सर्वाइकल पेन के कारण, लक्षण और 6 असरदार घरेलू उपाय

गर्दन में दर्द से पीड़ित व्यक्ति, सर्वाइकल पेन के लक्षण, कारण और घरेलू उपाय हिंदी में

आजकल, हम सभी की जीवनशैली इतनी खराब हो गई है की सही से बैठना सोना यहाँ तक वाक करते टाइम भी हम फ़ोन का प्रयोग करते है।
इससे हमारी बॉडी पॉश्चर ख़राब होता है और गर्दन में दर्द भी शुरू हो जाता है, अधिकांश लोग सर्वाइकल पेन से परेशान हैं।
खासकर युवा वर्ग जो अधिक समय तक कंप्यूटर पर काम करते हैं या मोबाइल का अधिक प्रयोग करते हैं।
लगातार एक ही पोज़ीशन में बच्चे पढ़ाई करते रहते है, ये भी एक कारण सर्वाइकल पेन का होता है।
सर्वाइकल पेन को स्पॉन्डिलोसिस के नाम से भी जानते है। गर्दन से शुरू होकर यह दर्द हाथों,पीठ और कंधे तक फैल जाता है।

 

सर्वाइकल पेन क्या होता है?

सर्वाइकल पेन गर्दन के ऊपरी हिस्से की हड्डियों, मांसपेशियों और नसों में होता है।
गर्दन की हड्डियों में सूजन इसका कारण है। इसमें गर्दन घुमाने में कठिनाई, अकड़न और कभी-कभार सिर दर्द भी होता है।

सर्वाइकल पेन के प्रमुख वजह:-

गलत तरीके से बैठना या लेटना
लंबे समय तक झुक कर मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल करना या गलत तरीके से सोना ज्यादा उचा तकिया लगाना इसे गर्दन की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है।
लंबे वक्त तक एक ही पोजीशन में रहना
पढ़ाई करते वक्त या ऑफिस में लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहना भी एक वजह बन सकती है ।
आकस्मिक झटका या चोट
अचानक गर्दन में मोच या झटका आने से सर्वाइकल पेन हो सकता है।
बढ़ने उम्र के साथ हड्डियों में कमजोरी
40 के उम्र के बाद सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस की संभावना बढ़ जाती है।
तनाव, चिंता और मानसिक थकान से
मांसपेशियों में अकड़न होती है जिससे दर्द बढ़ता है।
सर्वाइकल पेन के लक्षण:
गलत तरीके से वजन उठाने से
अधिक वजन उठाने से कंधो पर दबाव पड़ सकता है, हड्डियां अपने स्थान से खिसक सकती है।
और मांसपेशियों में खिंचाव हो सकता है


इसके संकेत क्या हैं?

गर्दन में लगातार दर्द या अकड़न
हाथों और कंधों में दर्द
सिर दर्द या चक्कर आना
उंगलियों में झुनझुनी या सुन्न
थकान और नींद में परेशानी
सिर घुमाते समय दर्द महसूस होना
घरेलू उपचार और राहत
(1) गर्म पानी से गर्दन की सिकाई करने से अकड़न और दर्द दूर होता है। दिन में दो बार दस से पंद्रह मिनट तक सिकाई करें।
(2) आसान योगासन (जैसे मकरासन, भुजंगासन और गोमुखासन) करें, जो हल्के योग और गर्दन को घुमाते हैं।
(3) गुनगुने सरसों तेल से मालिश गर्दन और कंधों को हल्के से मालिश करें। इससे रक्त संचार सुधरता है।
(4) हल्दीयुक्त दूध हल्दी एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है। सूजन में राहत पाने के लिए रात को सोने से पहले एक गिलास हल्दी वाला दूध पीना चाहिए।
(5) सही तकिया चुनें बहुत ऊँचा या बहुत पतला तकिया नहीं प्रयोग करें। गर्दन को सही तरीके से सपोर्ट करने वाला तकिया ही प्रयोग करें।
(6) मांसपेशियों को स्वस्थ रखने और तनाव को कम करने के लिए भ्रामरी और अनुलोम विलोम प्राणायाम उपयोगी हैं।
सर्वाइकल पेन


कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?


अगर इन घरेलू उपायों के बावजूद दर्द लगातार बना रहे, बुखार या चक्कर आएं, उंगलियों में ताकत कम महसूस हो या चलने में असामान्यता हो।

निष्कर्ष:-


अब सर्वाइकल पेन आम है, लेकिन थोड़ी सावधानी, सही जानकारी और सही जीवनशैली, नियमित योग और व्यायाम से इससे बच सकते हैं।
आप इस दर्द से राहत पा सकते हैं अपनी दिनचर्या में कुछ बदलाव करके और अपने मोबाइल या लैपटॉप को सही ढंग से उपयोग करें।

 

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