आजकल, हम सभी की जीवनशैली इतनी खराब हो गई है की सही से बैठना सोना यहाँ तक वाक करते टाइम भी हम फ़ोन का प्रयोग करते है।
इससे हमारी बॉडी पॉश्चर ख़राब होता है और गर्दन में दर्द भी शुरू हो जाता है, अधिकांश लोग सर्वाइकल पेन से परेशान हैं।
खासकर युवा वर्ग जो अधिक समय तक कंप्यूटर पर काम करते हैं या मोबाइल का अधिक प्रयोग करते हैं।
लगातार एक ही पोज़ीशन में बच्चे पढ़ाई करते रहते है, ये भी एक कारण सर्वाइकल पेन का होता है।
सर्वाइकल पेन को स्पॉन्डिलोसिस के नाम से भी जानते है। गर्दन से शुरू होकर यह दर्द हाथों,पीठ और कंधे तक फैल जाता है।

सर्वाइकल पेन क्या होता है?
सर्वाइकल पेन गर्दन के ऊपरी हिस्से की हड्डियों, मांसपेशियों और नसों में होता है।
गर्दन की हड्डियों में सूजन इसका कारण है। इसमें गर्दन घुमाने में कठिनाई, अकड़न और कभी-कभार सिर दर्द भी होता है।

सर्वाइकल पेन के प्रमुख वजह:-
लंबे समय तक झुक कर मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल करना या गलत तरीके से सोना ज्यादा उचा तकिया लगाना इसे गर्दन की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है।
पढ़ाई करते वक्त या ऑफिस में लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहना भी एक वजह बन सकती है ।
अचानक गर्दन में मोच या झटका आने से सर्वाइकल पेन हो सकता है।
40 के उम्र के बाद सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस की संभावना बढ़ जाती है।
मांसपेशियों में अकड़न होती है जिससे दर्द बढ़ता है।
सर्वाइकल पेन के लक्षण:
अधिक वजन उठाने से कंधो पर दबाव पड़ सकता है, हड्डियां अपने स्थान से खिसक सकती है।
और मांसपेशियों में खिंचाव हो सकता है
इसके संकेत क्या हैं?
| घरेलू उपचार और राहत |
|---|
| (1) गर्म पानी से गर्दन की सिकाई करने से अकड़न और दर्द दूर होता है। दिन में दो बार दस से पंद्रह मिनट तक सिकाई करें। |
| (2) आसान योगासन (जैसे मकरासन, भुजंगासन और गोमुखासन) करें, जो हल्के योग और गर्दन को घुमाते हैं। |
| (3) गुनगुने सरसों तेल से मालिश गर्दन और कंधों को हल्के से मालिश करें। इससे रक्त संचार सुधरता है। |
| (4) हल्दीयुक्त दूध हल्दी एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है। सूजन में राहत पाने के लिए रात को सोने से पहले एक गिलास हल्दी वाला दूध पीना चाहिए। |
| (5) सही तकिया चुनें बहुत ऊँचा या बहुत पतला तकिया नहीं प्रयोग करें। गर्दन को सही तरीके से सपोर्ट करने वाला तकिया ही प्रयोग करें। |
| (6) मांसपेशियों को स्वस्थ रखने और तनाव को कम करने के लिए भ्रामरी और अनुलोम विलोम प्राणायाम उपयोगी हैं। |

कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?
अगर इन घरेलू उपायों के बावजूद दर्द लगातार बना रहे, बुखार या चक्कर आएं, उंगलियों में ताकत कम महसूस हो या चलने में असामान्यता हो।
निष्कर्ष:-
अब सर्वाइकल पेन आम है, लेकिन थोड़ी सावधानी, सही जानकारी और सही जीवनशैली, नियमित योग और व्यायाम से इससे बच सकते हैं।
आप इस दर्द से राहत पा सकते हैं अपनी दिनचर्या में कुछ बदलाव करके और अपने मोबाइल या लैपटॉप को सही ढंग से उपयोग करें।
इसके अलावा सही पोस्चर बनाए रखना, बीच-बीच में स्ट्रेचिंग करना और पर्याप्त आराम लेना भी बेहद जरूरी है। इन आसान आदतों को अपनाकर आप सर्वाइकल पेन को काफी हद तक कंट्रोल कर सकते हैं और एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।
FAQs
1. सर्वाइकल पेन क्या होता है?
सर्वाइकल पेन गर्दन के ऊपरी हिस्से में होने वाला दर्द है, जो सर्वाइकल स्पाइन (गर्दन की हड्डियों) से जुड़ा होता है। यह समस्या लंबे समय तक गलत पोस्चर में बैठने, मोबाइल या लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल करने और मांसपेशियों पर दबाव पड़ने के कारण होती है। समय पर ध्यान न देने पर यह दर्द कंधों और पीठ तक फैल सकता है।
2. सर्वाइकल पेन के मुख्य कारण क्या हैं?
सर्वाइकल पेन के प्रमुख कारणों में गलत बैठने की आदत, लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहना, भारी वजन उठाना, तनाव और उम्र के साथ हड्डियों में बदलाव शामिल हैं। इसके अलावा, गलत तकिया या सोने की गलत पोजीशन भी इस समस्या को बढ़ा सकती है।
3. सर्वाइकल पेन के लक्षण क्या होते हैं?
इस समस्या में गर्दन में दर्द और जकड़न, सिरदर्द, कंधों और हाथों में दर्द या झनझनाहट, और गर्दन घुमाने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। कई बार यह दर्द इतना बढ़ जाता है कि रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो जाता है।
4. सर्वाइकल पेन के लिए सबसे असरदार घरेलू उपाय क्या हैं?
घरेलू उपायों में गर्म पानी की सिकाई, हल्की मसाज, नियमित योगासन जैसे भुजंगासन और गर्दन के स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज काफी फायदेमंद होते हैं। ये उपाय मांसपेशियों को आराम देते हैं और दर्द को कम करने में मदद करते हैं।
5. क्या सर्वाइकल पेन को योग से ठीक किया जा सकता है?
हाँ, नियमित योग और एक्सरसाइज से सर्वाइकल पेन को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। सही तरीके से किए गए योगासन गर्दन की मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं और ब्लड सर्कुलेशन सुधारते हैं, जिससे दर्द में राहत मिलती है।
6. सर्वाइकल पेन से बचाव कैसे करें?
सर्वाइकल पेन से बचने के लिए सही पोस्चर बनाए रखना, लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप का उपयोग करते समय ब्रेक लेना, और सही ऊंचाई पर स्क्रीन रखना जरूरी है। इसके अलावा, नियमित व्यायाम और सही तकिया इस्तेमाल करने से भी इस समस्या से बचाव किया जा सकता है।


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